अलवर राजस्थान का सिंह द्वार



  1. अलवर
  2. राजस्थान का सिंह द्वार
  3. स्थापना १७७१ ई . में रावराजा प्रतापसिंह द्वारा की गयी
  4. प्राचीन नाम - सल्वपुर - सल्वर-हलवर-अलवर
  5. अरावली पर्वत श्रृंखला से घिरा होने के कारण यह अरवलपुर कहलाया
  6. सितम्बर 2004 में NCR  में शामिल
  7. सर्वाधिक पंचायत समितियां - १४
  8. प्रथम प्याज मण्डी
  9. सर्वाधिक तम्बाकु की बुहाई
  10. सर्वाधिक भैंसे भी यहाँ ही पाई जाती है
  11. राजस्थान का स्कोटलैन्ड
  12. सिलीसेढ़ - झील (रूपारेल की सहायक नदियों का जल आता है)  सिलीसेड झील अलवर की सबसे प्रसिद्ध और सुन्दर झील है। इसका निर्माण महाराव राजा विनय सिंह ने १८४५ में करवाया था।
  13. पाण्डुपोल 
  14. भर्तृहरी उज्जैन के महाराजा का अंतिम दिन यहाँ ही बिताए
  15. तिजारा - अलाउद्दीन आलमशाह का मकबरा, भगवान चन्द्रप्रभु का जैन मन्दिर
  16. मूसी महारानी की छतरी - निर्माण - १८१५ में विनय सिंह द्वारा निर्मित (महाराजा बख्तावर सिंह व महारानी मूसी की याद में)
  17. तालवृक्ष - ॠषि मांडव्य
  18. कंपनी गार्डन - १८८५ में मंगल सिंह द्वारा निर्माण
  19. बरवा डूंगरी - नाइयों की कुल देवी नारायणी माता का मन्दिर
  20. भानगढ़ - १६३१ में माधोसिंह द्वारा बसाया गया
  21. होप सर्कल - वाइसराय लार्ड लिनलिथगो की पुत्री कुमारी होप
  22. निमुचना - किसान आंदोलन
  23. भिवाडी - नोटों की स्याही का कारखाना
  24. जयसमंद बांध- सन् १९१० में जयसिंह द्वारा निर्माण
  25. छापरवाडा बांध
  26. नीमराना दुर्ग
  27. कांकना वाडी किला - सरिस्का अभयारण्य में है
  28. विजय मन्दिर पैलेस का निर्माण महाराजा जयसिंह द्वारा निर्मित
  29. बाला दुर्ग - लघुराय द्वारा निर्मित जिसको रावण देहरा कहा गया (आगे चलकर हसन खां मेवाती ने बाला दुर्ग का निर्माण कराया)
  30. सरिस्का वन्य जीव अभयारण्य १९५५ में अभयारण्य घोषित , राजस्थान की दूसरी बाघ परियोजना १९७८-७९ शामिल किया गया, 
  31. वन - खैर,जामुन, धौंक, चुरेल, सालर , जन्तुओ में बाघों के अलावा- तेंदुए, जरख, चिंकारा, सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर
  32. सरिस्का पैलेस - १८९२ से १९०० के मध्य जयसिंह द्वारा निर्मित
  33. होटल टाइगर डेन


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