राजस्थानी तीज - त्यौहार











त्यौहार
तिथि विवरण


नवरात्रा
-
चैत्र
षुक्ला एकम से
नवमी तक व अष्विन
षुक्ल एकम से
नवमी तक
ष्षरद
पूर्णिमा

-
अष्विन
पूर्णिमा इस
दिन चन्द्रमा
अपनी
16
कलाओ
से परिपूर्ण
होता है
करवा
चौथ

कार्तिक
कृष्णा
4
इस
दिन स्त्रियां
पति की दीर्घ
आयु के लिये
व्रत करती है
और रात को चांद
देखकर खाना खाती
है
धनतेरस
-
कार्तिक
कृष्णा
13
इस
दिन धनवन्तरि
वैद्य की पूजा
की जाती है। तथा
घरो ंमें नये
बर्तन खरीदे
जाते है।
दीपावली
-
कार्तिक
अमावस्या विक्रम
संवत का प्रारम्भ
इसी दिन से होता
है। लाग घरों
पर दीपक जलाकर
इस त्यौहार को
मनाते है।
निर्वाझा
दिवस
-
महाीवर
स्वामी
,
दयानन्द
सरस्वती का
निर्वाण दिवस
इसी दिन मनाते
है।
गोवर्धन
पूजा

-
कार्तिक
षुक्ला
1
-
भैया
दूज

-
कार्तिक
षुक्ला
2
यम
द्वितीया के
रूप में भी मनाई
जाती है।
देवउठनी
ग्यारस

-
कार्तिक
षुक्ला
11
इस
दिन से मांगालिक
कार्य पुनः
प्रारम्भ होते
है। ऐसी मान्यता
है कि भगवान
विष्णु चार माह
के षयन के बाद
इसी दिन जागते
है।
मकर
सक्रांति

-
14
जनवरी
इसी दिन सूर्य
मकर राषि में
प्रवेष करता
है।
बसंत
पंचमी

-
माघ
षुक्ल पंचमी
ऋतुराज बंसत
का प्रथम आगमन
दिवस है
शिवरात्रि
-
फाल्गुन
कृष्णा
13
भगवान
षिव जन्मोत्सव
होली
-
फाल्गून
पूर्णिमा रंगों
का त्यौहार
धुलंडी
-
चैत्र
कृष्णा
1
रंगों
का त्यौहार
षीतला अष्टमी
-
चैत्र
कृष्ण अष्टमी
इस दिन ठंडा
भोजन किया जाता
है।
नववर्ष
-
चैत्र
षुक्ला एकम इस
दिन हिन्दूओं
का नववर्ष प्रारम्भ
होता है
गणगौर
-
चैत्र
षुक्ला
3
चुहागिन
स्त्रियों का
त्योहार यह
त्योहार चैत्र
कृष्ण
1
से
प्रारंभ होकर
चैत्र षुक्ला
3
तक
चलता है
रामनवम
-
चैत्र
षुक्ला
3
भगवान
राम का जन्मोत्सव
अक्षय तृतीया
-
वैषाखा
षुक्ला
3
इस
दिन सिकान सात
अन्न तथा हल की
पूजा करते हैं
इस दिन राजस्थान
मे ंसर्वाधिक
बाल विवाह होते
है।
गुरू
पूर्णिमा

-
आषाढ़
पूर्णिमा
-
नाग
पंचमी

-
श्रवण
कृष्ण
5
इस
दिन नागों की
पूजा की जाती
है
हरियाली
अमावस्य

-
श्रवण
अमावस्या
-
जलझूलनी
ग्यारस

-
भादपद
षुक्ल
11
-

घुड़ला
का त्यौहार

-
चैत्र
षुक्ला
8
मारवाड़
का प्रमुख त्यौहार
श्रावणी तीज
(छोटी
तीज
)
-
श्रवण
षुक्ला
3
तीज
मुख्यतः स्त्रियों
का त्योहार है
तीज त्यौहाराका
आगमन माना जाता
है बड़ी तीज
/सातुड़ीतीज/काजली
तीज भाद्र कृष्णा
3
बूंदी
का कजली का मेला
प्रसिद्ध है

कृष्ण
जन्माष्टमी

-
भाद्रपद
कृष्ण
8
भगवान
कृष्ण का जन्मोत्सव
गोगा
नवमी

-
भाद्रपद
कृष्ण
9
इस
दिन गोगाजी की
पूजा की जाती
है
गणेष
चतुर्थी

-
भाद्रपद
षुक्ला
4
महाराष्ट्र
का प्रमुख त्यौहार।
गणेष जन्मोत्सव
के रूप में मनाया
जाता है
ऋषि
पंचमी

-
भाद्रपद
षुक्ला
5
-
श्राद्ध
पक्ष

-
भाद्रपद
पूर्णिमा के
आष्विन अमावस्या
तक।

सांझी

भाद्रपद पूर्णिमा
से आष्विन अमावस्या
कुंवारी कन्याओं
का त्यौहार
रक्षा
बन्धन
-
श्रावण
पूर्णिमा बहिन
भाई त्यौहार







Post a Comment

Popular Posts