धारावी - एशिया की विशालतम गंदी बस्ती ;स्लम












धारावी
-
एशिया
की विशालतम गंदी
बस्ती
;स्लम





बसे
सिर्फ बस्ती
की परिधि से
गुजरती हैं।
ऑटो रिक्शा
अपवादस्वरूप
भी उसवेफ अंदर


नहीं
जा सकते। धारावी
वेंफद्रीय मुंबई
का एक हिस्सा
है जहाँ तिपहिया
वाहनों का प्रवेश


भी
निषेध है।


इस
गंदी बस्ती से
वेफवल एक मुख्य
सड़क गुशरती है।
इसे
नाइंटीपुफट
रोड

वेफ


गलत
नाम से जाना
जाता है। जो
अपनी चौड़ाई में
घटकर आधे से कम
रह गई है।


वुफछ
एक गलियाँ एवं
पगडंडियाँ इतनी
सँकरी हैं कि
वहाँ से एक साईकिल
का गुशरना


भी
मुश्किल है।
समूची बस्ती
अस्थायी निर्माण
वेफ भवन हैं जो
कि दो से तीन
मंशिल उफँची
है तथा उनमें
जंग लगी लोहे
की


सीढ़ियाँ
उफपर को जाती
हैं जहाँ एक ही
कमरे को किराए
पर लेकर पूरा
परिवार रहता
है। कई बार तो
यहाँ एक कमरे
में
10-12


लोग
रहते हुए देखे
जा सकते हैं।
यह एक प्रकार
से विक्टोरिया
लंदन वेफ पूर्वी
सिरे की औद्योगिक
इकाइयों का
उत्कट अनुवर्ती


संस्करण
जैसा है।


लेकिन
धारावी बहुत
ही निराशाजनक
रहस्यों का पालक
है
,
अपेक्षावृफत
धनाढ्य मुंबई
वेफ निर्माण
में इसकी भूमिका
है।


यहाँ
पर छायारहित
स्थान
,
वृक्षरहित,
सूर्य
की रोशनी
;धूपद्ध,
असंगृहीत
कचरा
,
गंदे
पानी वेफ ठहरे
हुए गड्ढे
,
जहाँ
वेफवल


अमानवीय
प्राणी जैसे
काले कौओं और
लंबे भूरे चूहे
वेफ साथ
-साथ
वुफछेक सर्वाधिक
सुंदरतापूर्ण
तथा भारत में
निर्मित मूल्यवान


एवं
उपयोगी सामान
बनाए जाते हैं।
धारावी से मृत्तिका
शिल्प
;सेरेमिक्सद्ध,
मि
वेफ बर्तन
,
कसीदाकारी
एवं जरी का काम
,


परिष्वृफत
चमड़े का काम
,
उच्च
प़्


ौफशन,
वस्त्रादि,
महीन
पिरवाँ
;रॉटद्ध,
धातु
;रॉटमैंटलद्ध
का कार्य
,
उत्वृफष्ट
आभूषण सेट
,
लकड़ी


की
पच्चीकारी तथा
प़्


ाफर्नीचर
आदि भारत एवं
दुनिया भर वेफ
धनाढ्यों वेफ
घरों तक जाता
है।


धारावी
वस्तुतः सागर
का एक हिस्सा
है जोकि व्यापक
रूप से कचरे से
भरी गई जगह पर
है जिसे
;कचराद्ध
मुख्यतः यहाँ


पर
रहने वेफ लिए
आने वाले लोगों
द्वारा उत्पादित
किया गया था जो
अधिकतर अनुसूचित
जाति और गरीब
मुसलमान आदि
थे।


यहाँ
नालीदार चादरों
से बनी
20
मीटर
उफँची जगह
/भवन
इधर
-उधर
संब
(
पड़ी
हैं जिनमे ं खाल
एवं चमड़ा शोधन
वेफ कार्य होते


है
ं। यहाँ पर खुशी
का हिस्सा यह
है कि सभी जगह
वूफड़ा
-कचरा
छितराया होता
है।







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