आठ ग्रह


ग्रह
आंतरिक ग्रह बुध, शकर, पृथ्वी, मंगल
बाहरी ग्रह बृहस्पति, शनि, अरुण वरुण
केवल पांच हि ऐसे ग्रह (पृथ्वी के अलावा) जिनको हम नंगी आँखों से देख सकते है -बुध , शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि.

बुध (Mercury)

बुध ग्रह सूर्य से सबसे निकटतम ग्रह है
इसके पास कोई उपग्रह नहीं है। 
बुध ग्रह का व्यास 4880 किमी है
यह अपनी धुरी पर ५८.६५ दिनों में घूमता है
यह सूर्य के परिक्रमा ८८ दिनों में पूरी करता है.
यहाँ दिन अत्यन्त गर्म और रातें बर्फीली होती है.

शुक्र (Venus)

शुक्र पृथ्वी का निकटतम ग्रह है
इसका नंबर दूसरा है
सौरमण्डल का छठवाँ सबसे बड़ा ग्रह है।
इसका कोई उपग्रह नहीं है।
यह आकाश में सबसे चमकिला पिंड है।(क्योकि इसकी सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करने की क्षमता ७० % है)
भोर का तारा  और शाम का तारा कहा जाता है
यह सभी ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है
यह सौर मण्डल का सबसे गर्म ग्रह है

मंगल (Mars)

·         सौर मंडल में मंगल ग्रह सूर्य से चौथे स्थान पर है 
·         यह लाल ग्रह के नाम से विख्यात है(इसका रंग लाल, आयरन आक्साइड की अधिकता के कारण है।)
·         मंगल के दो उपग्रह भी है फोबोस(इसकी खोज 18 अगस्त 1877 मे हाल ने की थी। मैरीनर-9 ने 1971 मे इसकी पहली तस्वीरे ली थी, उसके बाद वायकिंग-1 ने 1977 मे तथा फोबोस ने 1988 मे।) ओर डीमोस (इसकी खोज 12 अगस्त 1877 मे हाल ने की थी। वायकिंग-1 ने 1977 मे इसकी पहली तस्वीरे ली थी।)
·         6 अगस्त 1996 को, डेविड मैके एट अल की घोषणा की है कि उल्का ALH84001 में के सूक्ष्मजीव मंगल ग्रह पर जिवन के सबूत हो सकते है।
·         सबसे ऊँचा पर्वत निक्स ओलम्पिया (एवरेस्ट से तीन गुना ऊँचा)
·         मंगल का वातावरण पतला है। वातावरण मे 95.3% कारबन डाय आक्साईड, 2.7% नायट्रोजन, 1.6% आरगन ,0.15 % आक्सीजन और 0.03% जल बाष्प है। औसत वायुमंडलीय दबाव 7 मीलीबार है, जो पृथ्वी के 1% के बराबर है लेकिन यह गहराईयो मे 9 मीलीबार से ओलम्पस मान्स पर 1 मीलीबार तक रहता है। 
·         मंगल ग्रह को युद्ध का भगवान भी कहते हैं। 
·         मंगल के ध्रुवो पर बर्फ की परत है। यह बर्फ की परत पानी और कार्बन डाय आक्साईड की बर्फ है। उत्तरी गोलार्ध की गर्मीयो मे कारबन डायाअक्साईड की बर्फ पिघल जाती है और पानी की बर्फ की तह रह जाती है। मार्स एक्सप्रेस ने यह अब दक्षिणी गोलार्ध मे भी देखा है।

बृहस्पति (Jupiter)

·         यह सौर मण्डल का सबसे बड़ा ग्रह है
·         सूर्य से यह पाँचवे स्थान पर आता है
·         इस ग्रह के ६३ उपग्रह है मेटीस, आड्रेस्टीआ, अमाल्थीया , थेबे , आयो, युरोपा, गीनीमेड , कैलीस्टो , लीडा, हीमालीया, लीस्थीया, एलारा, एनाके, कार्मे, पासीफे, सीनोपे ,
·         यह सूर्य की परिक्रमा १२ वर्षों में करता है
·         इसमें सर्वाधिक हाइड्रोजन पाया जाता है।
·         बृहस्पति तक जाने वाला पहला अंतरिक्ष यान पायोनियर 10था जो 1973 मे बृहस्पति तक पहुंचा था, उसके पश्चात पायोनियर 11, वायेजर 1, वायेजर 2, और युलीसीस यान इस ग्रह तक पहुंचे। गैलीलीयो यान 8 वर्षो तक बृहस्पति की कक्षा मे रहा और अब भी यह ग्रह हब्बल दूरबीन के निरिक्षण मे रहता है।
·         बृहस्पति का महाकाय लाल धब्बा है जो वास्तव में एक तीव्र चुम्बकीय तूफान है

शनि (Saturn)

यह आकार में दूसरा बड़ा ग्रह है
इसका रंग पीला नजर आता है
इसके उपग्रह ३९ से अधिक है
इसका प्रमुख उपग्रह टाइटन है टाईटन की खोज क्रिस्टियन हायजेन्स ने 1655 मे की थी।
शनि के चारो ओर वलय पाये जाते है
यह सबसे कम घनत्व वाला ग्रह है

अरुण (Uranus)

यह सूर्य का सातवाँ ओर आकार में तृतीय ग्रह है
विलियम हर्शेल ने 13 मार्च 1781 ने इसको खोजा था
यह अन्य ग्रहों के विपरीत उत्तर से दक्षिण की ओर घूमता है
इसके २१ उपग्रह है जिनमे एरियल ओर मिराण्डा प्रमुख है
इसके चारो ओर ९ धुंधले वलय है

वरुण (Neptune)

यह सौर परिवार का चौथा बड़ा ओर सूर्य से आठवां ग्रह है
यह धुंधले हरे रंग का मीथेन गैस के कारण नजर आता है
इसके पांच धुंधले वलय है
यह 1979 से 1999 तक सूर्य से सर्वाधिक दूर ग्रह था
इसके आठ उपग्रह है जिनमे
इसकी खोज 1846 ई. में जर्मन खगोलज्ञ जॉन गले और अर्बर ले वेरिअर ने की है।
यह 165 वर्षों में सूर्य की परिक्रमा करता है तथा 15.7 घंटे में अपनी दैनिक गति पूरा करता है।

पृथ्वी (Earth)

Earthयह आकार में 5वां सबसे बड़ा ग्रह है 
 सूर्य से दूरी के क्रम में तीसरा ग्रह है।
यह सौरमण्डल का एकमात्र ग्रह है, जिस पर जीवन है।
इसका विषुवतीय व्यास12,756 किलोमीटर है
 ध्रुवीय व्यास 12,714 किलोमीटर है।
पृथ्वी अपने अक्ष पर 23 1º/2 झुकी हुई है।
द्रव्यमान : 5.972e24 किलो
पृथ्वी की एक ही प्राकृतिक उपग्रह है: चन्द्रमा

चन्द्रमा (Moon)


पृथ्वी से दूरी 3,84,365 कि.मी है।
यह सौरमण्डल का पाचवाँ सबसे विशाल प्राकृतिक उपग्रह है।
 चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा महिने मे एक बार करता है
चन्द्रमा पर पहला अंतरिक्षयान 1959 मे सोवियत संघ का लुना-2 था।
चन्द्रमा पर वायूमंडल नही है।
चन्द्रमा की सतह और उसकी आन्तरिक सतह का अध्ययन करने वाला विज्ञान सेलेनोलॉजी कहलाता है।
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